सहारनपुर : भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का मंगलवार का सहारनपुर दौरा सिर्फ संगठनात्मक बैठकों तक सीमित नहीं रहा। अंबाला रोड स्थित सरोवर पोर्टिको में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नेताओं और पदाधिकारियों के साथ बैठक के बाद उनका अनुसूचित वर्ग से जुड़े पुराने कार्यकर्ता अजब सिंह के घर पहुंचना और गुरु रविदास मंदिर में पूजा-अर्चना करना भी चर्चा में रहा। पार्टी के कार्यक्रम में कार्यकर्ता के घर भोजन और रविदास मंदिर दर्शन पहले से शामिल थे।
ढाई घंटे की बैठकों के बाद सामाजिक संपर्क
नितिन नबीन ने पहले पश्चिमी यूपी के पूर्व सांसदों, पूर्व विधायकों, पूर्व मंत्रियों और पूर्व एमएलसी के साथ बैठक की। इसके बाद वर्तमान संगठन पदाधिकारियों के साथ दूसरी बैठक हुई। इन बैठकों में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों, संगठन की जमीनी स्थिति और बूथ स्तर की सक्रियता से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।
इसके बाद नबीन ओजपुरा पहुंचे। यहां उन्होंने गुरु रविदास मंदिर में दर्शन-पूजन किया और फिर पुराने भाजपा कार्यकर्ता एवं बूथ अध्यक्ष अजब सिंह के घर भोजन किया। उनके साथ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी भी मौजूद रहे। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक दोनों नेताओं ने कार्यकर्ता के परिवार के साथ भोजन किया।
दलित कार्यकर्ता के घर भोजन क्यों महत्वपूर्ण?
सहारनपुर के राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों में अनुसूचित जाति का महत्वपूर्ण स्थान है। जिले की एक विधानसभा सीट रामपुर मनिहारन अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। ऐसे में राष्ट्रीय अध्यक्ष का अनुसूचित वर्ग से जुड़े स्थानीय कार्यकर्ता के घर जाना पार्टी के संगठनात्मक कार्यक्रम के साथ सामाजिक संपर्क का पहलू भी सामने लाता है।
हालांकि, केवल एक कार्यक्रम के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि इससे किसी वर्ग के मतदाताओं के रुख में बदलाव आएगा। इतना जरूर है कि भाजपा ने संगठनात्मक बैठक के साथ सामाजिक संपर्क का कार्यक्रम भी रखा, जिससे स्थानीय स्तर पर इसकी राजनीतिक चर्चा हुई।
रविदास मंदिर में पूजा का भी संदेश
कार्यकर्ता के घर जाने से पहले नितिन नबीन ने गुरु रविदास मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने संत रविदास की 650वीं जयंती वर्ष का उल्लेख करते हुए मंदिर में आकर आशीर्वाद लेना अपने लिए सौभाग्य बताया। उन्होंने सामाजिक समरसता और सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ने की बात कही। इस तरह दौरे में संगठन, कार्यकर्ता संपर्क और धार्मिक-सामाजिक जुड़ाव के तीन अलग-अलग पहलू दिखाई दिए।
बैठकों में पुराने कार्यकर्ताओं की शिकायतें भी
दौरे का दूसरा महत्वपूर्ण पक्ष संगठन के भीतर से आया फीडबैक रहा। पूर्व पदाधिकारियों के साथ बैठक में पुराने कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं और संगठन में सम्मान से जुड़े मुद्दे उठाए जाने की बात सामने आई है। कुछ कार्यकर्ताओं ने दूसरे दलों से आने वाले नेताओं को पद या टिकट में प्राथमिकता मिलने जैसी शिकायतें भी रखीं।
नितिन नबीन ने नेताओं और कार्यकर्ताओं की बातें सुनीं और संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया। ऐसे में सहारनपुर दौरे को केवल 2027 की चुनावी रणनीति की बैठक के तौर पर देखने के बजाय संगठन के पुराने अनुभव, वर्तमान टीम और सामाजिक संपर्क—तीनों को साथ जोड़ने वाली कवायद के रूप में देखा जा सकता है। पश्चिमी यूपी में भाजपा की संगठनात्मक तैयारियों के बीच यह दौरा इन तीनों स्तरों पर संवाद का अवसर बना।

